10वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे को परीक्षा केंद्र छोड़ने के बाद न्यू मार्केट के एक कपड़ा व्यापारी ने सीहोर में क्रीसेंट वाटर पार्क के पास जहर खाकर जान दे दी। इसके पहले उन्होंने छोटे भाई को वॉट्सएप पर वीडियो सेंड किया था। इसमें कहा था कि फाइनेंस कंपनियों और लोन वालों की वजह से मैं खुदकुशी कर रहा हूं। इन लोगों ने मुझे और मेरी पत्नी को बहुत परेशान कर दिया है। इसलिए मुझे ये कदम उठाना पड़ रहा है।
सुखसागर कॉलोनी, नीलबड़ निवासी 39 वर्षीय हेमंत कुशवाहा की न्यू मार्केट में कपड़ों की दुकान है। वे यहां पत्नी सरिता, मां सावित्री देवी और दो बेटों धीरज (16) व निखिल (14) के साथ रहते थे। छोटे भाई जितेंद्र अपने परिवार के साथ इसी कॉलोनी के दूसरे मकान में रहते हैं। जितेंद्र ने बताया कि गुरुवार सुबह 10:20 बजे मुझे वॉट्सएप पर भैया ने वीडियो भेजा। मैंने वीडियो खोला तो इसमें वे खुदकुशी की बात करते हुए सुनाई दिए। मैं दौड़कर उनके घर पहुंचा और भाभी से पूछा कि भैया कहां हैं। फिर मैंने भैया को कॉल किया। किसी अंजान व्यक्ति ने फोन रिसीव किया। पता चला कि भैया ने सीहोर में क्रीसेंट वाटर पार्क के पास जहर खा लिया था।
भाई बोला... वे कानूनी प्रक्रिया करते, बेइज्जत करना कितना जायज है
जितेंद्र ने रिकवरी एजेंट्स के तरीके पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि भैया को करीब 80 हजार रुपए की ईएमआई देनी पड़ रही थी। करीब 6 लाख रुपए उन्होंने चुकाए भी, लेकिन बिजनेस ठीक न चल पाने के कारण आमदनी काफी कम हो गई थी। ऐसे में उन्हें जगह-जगह रोककर बेइज्जत करना कहां तक जायज है। बगैर सिबिल देखे पहले उन्हें फायनेंस कंपनी और बैंक वाले लोन देते चले गए, बाद में उन्हें आए दिन परेशान कर रहे थे। उनका कहना है कि एजेंटस कानूनी प्रक्रिया करते, बेइज्जत करना कितना जायज है।
पत्नी का आरोप... दो महीने से रिकवरी एजेंट कर रहे थे जलील
सरिता ने बताया कि हेमंत ने अलग-अलग छह फायनेंस कंपनियों और बैंकों से करीब 35 लाख रुपए का लोन लिया था। किसी ने उन्हें हाउसिंग लोन दे दिया तो किसी ने बिजनेस लोन। दो महीने से उन्हें रिकवरी वाले परेशान कर रहे थे। कभी रात 11 बजे घर पर आकर जलील करते थे तो कभी सुबह 8 बजे। दुकान पर भी कई बार जाकर हंगामा कर चुके थे। इस प्रताड़ना का जिक्र वे कई बार हमसे कर चुके थे। आत्महत्या करने से पहले वे बेटे को उसके परीक्षा केंद्र छोड़ने गए थे। हमने सोचा भ्ज्ञभ् नहीं था कि वे ऐसा कदम उठाएंगे